तनिक सोचिये......आप किसी पार्क में अपनी प्रेमिका के साथ व्यस्त हों और वैसे वक्त में कोई बंदर आपको परेशान करे तो आपको कैसा लगेगा। जी हां, ऐसी एक सत्य घटना पेश है-
दिल्ली या आगरा से मेरठ होकर हरिद्वार जाने के रास्ते में खतौली आता है। वहां चीतल पार्क काफी फेमस है। उधर से होकर आने-जाने वालों के लिए विश्राम करने का एक शुकूनदेह जगह। चीतल पार्क लविंग प्वाइंट के नाम से भी जाना जाता है। विगत शनिवार को वहां दुपहरी गुजारने आये प्रेमी युगल पार्क के एक कोने में बैठकर चिप्स का स्वाद लेते हुए प्रेम मग्न थे। दो बंदरों की नजर काफी देर से उनपर थी। इसी बीच एक बंदर तेजी से उनकी ओर लपका। यह देख युवती ने चिप्स का पैकेट उठा लिया। चिप्स हाथ न आने से गुस्साया बंदर युवती का पर्स उठाकर चलता बना। उस पर्स में युवती के मोबाइल फोन और रुपये थे। प्रेमी युवक ने बंदर को पत्थर मारना शुरू किया तो बंदर ने भी आवेश में आकर पर्स पास के नहर में फेंक दिया....क्यों हो गई न गुगली....
भलाई के बदले पिटाई
और अंत में, ऐसा ही एक और रोचक वाकया...
बागपत जिले के बडौत स्टेशन पर दिल्ली से शामली जा रही ट्रेन का इंतजार कर रही एक महिला ट्रेन आते ही उस पर बैठ गई। इस दौरान उसका पर्स स्टेशन पर ही छूट गया। तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने महिला का पर्स उठाकर उसे देने का प्रयास किया तभी ट्रेन चल दी तो वह ट्रेन के साथ-साथ दौडने लगा। यह सीन देख स्टेशन पर मौजूद लोगों ने उसे जेबकतरा या पर्स चोर समझ बैठे और उसकी पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। थोडे ही दूर जाकर महिला भी चेन पुलिंग कर ट्रेन से उतर गयी, पूरा वाकया जानने के बाद वह पुलिस स्टेशन पहुंची और पुलिस से यह कहकर यह व्यक्ति निर्दोष है, उसे छुडाया। तो इस तरह से एक ऐसे व्यक्ति की पिटाई हो गयी जो भलाई करना चाहता था...
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सोमवार, 25 मई 2009
रविवार, 12 अप्रैल 2009
बिन मांगे बीवी मिले, मांगे मिले न भीख
मानो या न मानो। है सत्य घटना। यूपी के बागपत जिले में पिछले दिनों हुआ यह अजीब वाकया। मुजफ़फरनगर जिले के गांव बिराल का एक फकीर जिसका नाम धनराज है भीख मांगते-मांगते एक दिन पहुंचा बागपत जिले के गांव लुहारी में। एक दर पर भीख दे दो की रट लगाते-लगाते काफी देर हो चुकी थी पर कोई रेस्पांस नहीं मिल रहा था। निराश होकर वह वहां से निकलने ही वाला था कि उस घर से एक लगभग 65 वर्षीया महिला निकली और भीख देने के बजाय उसे भौंचक देखती रह गयी। तुरंत ही वह महिला मेरे प्राणनाथ आ गए कहते हुए उस फकीर के पैरों पर गिर पडी। और फिर झट से उसे खींचते हुए घर के अंदर ले गयी। फकीर हैरान-परेशान था कि न जाने यह हो क्या रहा है। घर के अंदर दाखिल होते ही लगभग तीस वर्षीया एक युवती ने उसे देखते ही पिता कहकर पुकारना शुरु कर दिया। उस अधेड महिला ने भी उस पर कई सवाल दागे। मसलन, तीस साल पहले तुम हमलोगों को छोडकर कहां और क्यों चले गए थे।
अब तक फकीर धनराज को थोडी-थोडी बात समझ में आने लगी थी। उसने सफाई पेश की- देखिये आपलोगों को जरुर कोई लगतफहमी हो रही है। मैं मुजफ़फरनगर जिले के कांधला क्षेत्र के गांव बिराल का बीवी-बच्चे वाला आदमी हूं। आपलोगों से भला मेरा क्या लेना-देना। पर धनराज की इस सफाई का उन मां-बेटी पर कुछ असर नहीं हुआ। उनदोनों ने यह कहते हुए कि इतने सालों बाद लौटे हो, अब तुम्हें कहीं न जाने देंगें, घर में कैद कर लिया। धनराज की मुश्किलें बढ गयीं। वह परेशान हो उठा। खैर किसी तरह दो दिनों बाद वह वहां से निकल भागा। लेकिन यह क्या, वह जैसे ही अपने घर पहुंचा। दोनों मां-बेटी वहां भी पंचायत लेकर पहुंच गयीं। पंचायत के सामने भी मुश्किल खडी हो गयी कि आखिर वह फैसला किसके हक में करे। पंचायत ने यह तर्क दिया कि एक 65 वर्ष की महिला का कोई 35 वर्ष का युवक पति कैसे हो सकता है। पर वह महिला किसी भी तर्क को सुनने को तैयार नहीं थी। वह तो अपने तीस साल बाद मिले पति को अपने साथ ले जाने पर अडिग थी। अब मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है। पर पुलिस भी हैरत में है कि आखिरकार वह इस मसले को कैसे सुलझाये।
क्या आपके पास कोई उपाय है इस मसले को सुलझाने के लिए।
अब तक फकीर धनराज को थोडी-थोडी बात समझ में आने लगी थी। उसने सफाई पेश की- देखिये आपलोगों को जरुर कोई लगतफहमी हो रही है। मैं मुजफ़फरनगर जिले के कांधला क्षेत्र के गांव बिराल का बीवी-बच्चे वाला आदमी हूं। आपलोगों से भला मेरा क्या लेना-देना। पर धनराज की इस सफाई का उन मां-बेटी पर कुछ असर नहीं हुआ। उनदोनों ने यह कहते हुए कि इतने सालों बाद लौटे हो, अब तुम्हें कहीं न जाने देंगें, घर में कैद कर लिया। धनराज की मुश्किलें बढ गयीं। वह परेशान हो उठा। खैर किसी तरह दो दिनों बाद वह वहां से निकल भागा। लेकिन यह क्या, वह जैसे ही अपने घर पहुंचा। दोनों मां-बेटी वहां भी पंचायत लेकर पहुंच गयीं। पंचायत के सामने भी मुश्किल खडी हो गयी कि आखिर वह फैसला किसके हक में करे। पंचायत ने यह तर्क दिया कि एक 65 वर्ष की महिला का कोई 35 वर्ष का युवक पति कैसे हो सकता है। पर वह महिला किसी भी तर्क को सुनने को तैयार नहीं थी। वह तो अपने तीस साल बाद मिले पति को अपने साथ ले जाने पर अडिग थी। अब मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है। पर पुलिस भी हैरत में है कि आखिरकार वह इस मसले को कैसे सुलझाये।
क्या आपके पास कोई उपाय है इस मसले को सुलझाने के लिए।
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