शनिवार, 9 मई 2009

ऐ मां तेरी सूरत से बढकर भगवान की सूरत क्‍या होगी...

बेसन की सोंधी रोटी पर, खटी चटनी जैसी मां,
याद आती है, चौका बासन, चिमटा-फुंकनी जैसी मां,
बीवी, बेटी, बहन पडोसन थोडी-थोडी सबमें
दिनभर एक रस्‍सी के उपर चलती नटनी जैसी मां।
निदा फाजली साहब की इन पंक्तियों के साथ मदर्स डे पर पेश है यह तस्‍वीर-

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर कहा .. मदर्स डे पर दुनियाभर की सभी माओं को बधाई एवं शुभकामनाएं।

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  2. मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं.

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  3. सच में माई तो दिन भर फिरकनी की तरह काम करती है और स्नेह बांटती है - सो अलग!

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