शनिवार, 28 मार्च 2009

ताकि पैदा हो सकें अच्‍छे पत्रकार

भारतीय प्रेस परिषद के अध्‍यक्ष न्‍यायमूर्ति बीएनरे ने कहा है कि पत्रकारिता शिक्षण संस्‍थानों के नियमन के लिए नियंत्रक संस्‍थान बनाया जाना चाहिए। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर पत्रकारिता को चिकित्‍सा प्रबंधन, इंजीनियरिंग और अन्‍य व्‍यवसायिक विषयों के स्‍तर तक पहुंचाना है तो उन व्‍यावसायिक शिक्षण संस्‍थानों के नियमन के लिए बनाए गए संस्‍थान की तरह ही पत्रकारिता शिक्षा के नियमन के लिए अलग से मीडिया परिषद बनाये जाने की जरुरत है। उन्‍होंने कहा कि इसके लिए हमने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के सहयोग से पहल की है ताकि एक कोर समूह बनाया जा सके।

दिल्‍ली यूनियन आफ जर्नलिस्‍ट, दिल्‍ली मीडिया सेंटर फार रिसर्च एंड पब्लिकेशंस तथा केंद्रीय हिंदी निदेशालय के तत्‍वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम में न्‍यायमूर्ति बीएनरे ने इस बात का जिक्र भी किया कि मीडिया के सभी पक्षों के लिए पूरी तरह से स्‍वायतशासी मीडिया परिषद बनाया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता काफी चूनौतीपूर्ण है, इसके लिए पत्रकारों को तकनीकी जानकारी, गुणवत्‍ता पूर्ण प्रशिक्षण और भाषा पर सशक्‍त पकड होना आवश्‍यक है।

4 टिप्‍पणियां:

  1. न्याय मूर्ति बी.एन.रे या बी.एन.खरे????

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  2. सुंदर जानकारी के लिये आप का धन्यवाद

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  3. ek samagra pathyakram ki jaroorat to hai hi magar is bat ka dhyan rakha jaye ki use niyamit taur par updat kiya jai, ye nahi ki schooli padhai ki tarah akbar ke marne ke bad tak uski punyatithi manate rahe.

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